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किशोर वैज्ञानिक ने विकसित किया सस्ता मस्तिष्क-पढ़ने वाला उपकरण
एक 17 वर्षीय छात्र ने महज 1,800 डॉलर की लागत में एक क्रांतिकारी प्रणाली विकसित की है जो मस्तिष्क संकेतों को पढ़कर बोलने की क्षमता बहाल करने में मदद कर सकती है।
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अमेरिका के न्यू हैम्पशायर क्षेत्र में एक किशोर छात्र ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस 17 वर्षीय युवा वैज्ञानिक ने एक अभिनव प्रणाली विकसित की है जो मानव मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि को पढ़कर भाषा को समझ सकती है।
यह प्रौद्योगिकी विशेष रूप से उन लोगों के लिए जीवन परिवर्तनकारी साबित हो सकती है जिन्हें स्ट्रोक, मांसपेशी विकार या अन्य तंत्रिका संबंधी समस्याओं के कारण बोलने में कठिनाई होती है। यह उपकरण उनकी विचारों को पुनः व्यक्त करने का मार्ग प्रदान कर सकता है।
इस प्रणाली का सबसे उल्लेखनीय पहलू इसकी सामर्थ्य है। पारंपरिक न्यूरल इंटरफेस सिस्टम लाखों डॉलर खर्च करते हैं, लेकिन इस किशोर का आविष्कार मात्र 1,800 डॉलर में उपलब्ध है। यह कम लागत इसे विकासशील देशों और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी सुलभ बना सकती है।
इस तरह के अभिनव समाधान दिखाते हैं कि कैसे युवा प्रतिभा और दूरदर्शी सोच चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह उदाहरण विश्वभर में लाखों लोगों को आशा प्रदान करता है जो संचार क्षमता खो चुके हैं।