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दादी की नजरें खोने के बाद किशोर ने बनाया AI चश्मा

17 वर्षीय अलेक्जेंडर डू ने IRIS नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित पहनने योग्य उपकरण विकसित किया है, जो नेत्रहीन व्यक्तियों को नेविगेशन और बाधा पहचान में सहायता करता है। उनके इस अभूतपूर्व प्रयास को व्हाइट हाउस में स्वीकृति दी गई।

LSN India · 20 September 2026

दादी की नजरें खोने के बाद किशोर ने बनाया AI चश्मा

17 वर्षीय अलेक्जेंडर डू का IRIS एक क्रांतिकारी उपकरण है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति का उपयोग करके नेत्रहीन और दृष्टिबाधित व्यक्तियों को आत्मनिर्भर जीवन जीने में मदद करता है। यह पहनने योग्य प्रौद्योगिकी कंपन तकनीक का उपयोग करते हुए उपयोगकर्ताओं को उनके आसपास की बाधाओं को समझने और सुरक्षित नेविगेशन में सहायता करती है।

डू के इस अभिनव आविष्कार का विशेष महत्व यह है कि यह महंगे वाणिज्यिक स्मार्ट चश्मों की तुलना में अधिक सस्ता और सुलभ विकल्प प्रदान करता है। उनके दादी की दृष्टि खोने के बाद प्रेरित होकर विकसित किए गए इस उपकरण का लक्ष्य दुनियाभर में लाखों नेत्रहीन व्यक्तियों तक पहुंचना है।

युवा आविष्कारक के असाधारण प्रयासों को अमेरिका के व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया। यह स्वीकृति न केवल IRIS की तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि दिव्यांग जनों के लिए सहायक प्रौद्योगिकी विकास के प्रति डू की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।