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शरीर की गर्मी से बिजली बनाने वाली आविष्कारक अब बच्चों को सिखा रहीं स्वच्छ ऊर्जा
कनाडाई आविष्कारक ऐन मकोसिंस्की ने 2013 में शरीर की गर्मी से चलने वाली टॉर्च बनाई थी। अब वह बच्चों को नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में सिखाने के लिए खेल-खिलौने विकसित कर रही हैं।
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ऐन मकोसिंस्की का नाम आज विश्व के युवा आविष्कारकों में शीर्ष पर है। दस साल पहले जब वह किशोरावस्था में थीं, तब उन्होंने एक अनोखी खोज की थी - शरीर की गर्मी से ही एक टॉर्च बनाई जो बिना बैटरी के काम करती थी। यह अविष्कार उनके लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ और उन्हें दुनियाभर में प्रसिद्धि दिलाई।
अपनी सफलता के बाद मकोसिंस्की ने नई दिशा का चयन किया है। वह अब नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहीं हैं और इस मिशन में बच्चों को साथ लाना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने ऐसे खिलौने और शैक्षणिक उपकरण बनाए हैं जो बच्चों को स्वच्छ ऊर्जा के बारे में सिखाते हैं।
मकोसिंस्की का मानना है कि भविष्य की पीढ़ी को पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों के बारे में जानना आवश्यक है। खेल-खिलौनों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल बनाकर बच्चों तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। इन पहलों के जरिए वह युवा पीढ़ी में विज्ञान और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति रुचि बढ़ाना चाहती हैं।
उनका यह प्रयास न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मकोसिंस्की के कार्यों से साफ है कि युवा प्रतिभा के माध्यम से बड़े बदलाव संभव हैं।