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17 वर्षीय भारतीय किशोर ने AI से परमाणु रिएक्टर की त्रुटि घटाई

प्राध्यूमन इंदाना ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में गंभीर त्रुटियों को नाटकीय रूप से कम किया है। इस वैज्ञानिक उपलब्धि के लिए उन्हें 50,000 डॉलर का पुरस्कार मिला है।

LSN India · 16 September 2026

17 वर्षीय भारतीय किशोर ने AI से परमाणु रिएक्टर की त्रुटि घटाई

मात्र 17 वर्ष की आयु में प्राध्यूमन इंदाना ने परमाणु प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस किशोर वैज्ञानिक ने एक अभिनव भौतिकी-निर्देशित तंत्रिका नेटवर्क विकसित किया है जो विशेष रूप से परमाणु रिएक्टरों के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इंदाना के इस मॉडल ने महत्वपूर्ण ऊष्मा प्रवाह से संबंधित भविष्य कथन त्रुटियों में भारी कमी लाई है। पहले यह त्रुटि दर 63 प्रतिशत थी, जिसे इस नई तकनीक के माध्यम से घटाकर मात्र 5.5 प्रतिशत तक लाया गया है। यह उपलब्धि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

रिएक्टर संचालन मापदंडों की अधिक सटीक समझ प्रदान करने वाले इस समाधान को वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में मान्यता मिली है। इंदाना की इस शोध-आधारित पहल ने जटिल इंजीनियरिंग समस्याओं को हल करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की विशाल क्षमता को प्रदर्शित किया है।

इस असाधारण उपलब्धि के लिए इंदाना को 50,000 डॉलर का छात्रवृत्ति पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह सम्मान न केवल युवा भारतीय प्रतिभा के विकास को दर्शाता है, बल्कि परमाणु विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संयोजन में भविष्य की संभावनाओं को भी रेखांकित करता है।