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अमेरिकी छात्रा ने आक्रामक पौधों से जहरीले शैवाल खिलने पर नियंत्रण पाया
कोलोराडो की 18 वर्षीय छात्रा ने एक अभिनव उपकरण विकसित किया है जो जहरीले शैवाल के प्रकोप को खत्म करने में मदद करता है। हवा से चलित लहरों और आक्रामक पौधों का उपयोग करते हुए यह प्रणाली परीक्षणों में असाधारण परिणाम दिखाई दी है।
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एक किशोर वैज्ञानिक ने एक सरल लेकिन प्रभावी समाधान विकसित किया है जो ताजे पानी की प्रणालियों में साइनोबैक्टीरिया के खतरनाक प्रकोप से निपटने में मदद कर सकता है। कोलोराडो की इस 18 वर्षीय छात्रा की प्रणाली पर्यावरण-अनुकूल तकनीक का उपयोग करते हुए जहरीले शैवाल को नियंत्रित करने का एक नया तरीका प्रस्तुत करती है।
उपकरण की कार्य पद्धति प्राकृतिक शक्तियों पर निर्भर करती है। हवा से उत्पन्न होने वाली लहरों का उपयोग करके और आक्रामक पौधों की प्रजातियों को शामिल करके, यह व्यवस्था जल निकायों में शैवाल के विकास को रोकती है। क्षेत्र परीक्षणों के दौरान, प्रणाली ने लगभग संपूर्ण रूप से साइनोबैक्टीरिया को हटा दिया और क्षयकृत कोशिकाओं के अवशेषों को भी फंसाया।
यह नवीन समाधान पारंपरिक उपचार विधियों की तुलना में अधिक किफायती साबित हुआ है। स्वास्थ्य संबंधी खतरों और पर्यावरणीय क्षति के कारण दुनिया भर में जलीय प्रणालियों में शैवाल का प्रकोप एक बढ़ती समस्या बन गया है।
इस अभिनव तकनीक को क्षत-विक्षत ताजे पानी की प्रणालियों को पुनर्जीवित करने और स्वस्थ बनाने का एक कम लागत वाला तरीका माना जा रहा है। युवा शोधकर्ता की इस खोज से पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए भविष्य की रणनीतियों में नई संभावनाएं दिख रही हैं।