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आठवीं कक्षा की छात्रा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से 1 करोड़ दवा अणु स्क्रीन किए
मायरीन अहसान ने अपनी अभिनव शोध परियोजना के माध्यम से फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया के इलाज के लिए 1 करोड़ से अधिक दवा अणुओं की जांच की है। यह उपलब्धि उन्हें एक प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर के अंतिम दौर तक पहुंचाई है।
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टेक्सास के फ्रेंडसवुड से आने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा मायरीन अहसान ने एक असाधारण वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का उपयोग करते हुए उन्होंने 1 करोड़ से अधिक दवा अणुओं की स्क्रीनिंग की है। यह अनुसंधान फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया नामक एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी के संभावित उपचार खोजने पर केंद्रित है।
मायरीन की इस नवोन्मेषी परियोजना ने उन्हें एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में अंतिम दौर तक पहुंचाया है। उनके शोध कार्य ने यह प्रदर्शित किया है कि कैसे आधुनिक तकनीकें चिकित्सा विज्ञान में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती हैं। इस उम्र में ऐसी जटिल वैज्ञानिक परियोजना को पूरा करना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मायरीन अपने शोध के निष्कर्ष और खोजों को इसी वर्ष वाशिंगटन डीसी में प्रस्तुत करेंगी। उनकी परियोजना मशीन लर्निंग को औषधि विज्ञान में लागू करने की व्यावहारिक संभावनाओं को उजागर करती है। यह शोध न केवल वैज्ञानिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि युवा प्रतिभाओं की क्षमता का भी प्रमाण है।