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राजकीय गारंटी का बोझ: तेलंगाना आगे, अन्य राज्य पीछे
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट अनुमानों के अनुसार तेलंगाना राज्य की सकल घरेलू उत्पाद के सापेक्ष राजकीय गारंटी का बोझ सबसे अधिक है। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजकीय गारंटियों की तुलना से राजस्व स्थिति का नया चित्र सामने आता है।
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राजकीय गारंटी संबंधी दायित्व राज्यों के वित्तीय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। चालू वित्तीय वर्ष में तेलंगाना की राजकीय गारंटियां उसकी सकल राज्य घरेलू उत्पाद का एक बड़ा हिस्सा प्रतिनिधित्व करती हैं, जो राज्य के बजट पर भारी दबाव डालते हैं।
राजकीय गारंटियों के जरिए राज्य सरकारें विभिन्न परियोजनाओं और संस्थानों के कर्ज का भुगतान का जिम्मेदारी लेती हैं। ये दायित्व आने वाले वर्षों में राज्य के वित्तीय संसाधनों पर असर डालते हैं और सार्वजनिक खर्च की क्षमता को सीमित करते हैं।
बजट के अनुमानों के अनुसार, विभिन्न राज्यों के बीच राजकीय गारंटी का बोझ में काफी अंतर दिखाई देता है। तेलंगाना के अलावा अन्य कई राज्य भी समान दबाव का सामना कर रहे हैं, किंतु उनका अनुपात अपेक्षाकृत कम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, राजकीय गारंटियों में वृद्धि राज्यों की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। राजकीय गारंटी संबंधी दायित्वों को नियंत्रित करना और पारदर्शी तरीके से उनका उपयोग करना राज्यों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है ताकि भविष्य में वित्तीय संकट का सामना न करना पड़े।