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एल नीनो प्रभाव: तेलंगाना में जल-विद्युत संकट से बचने के लिए सूक्ष्म स्तरीय योजना बनाएं
तेलंगाना के प्रमुख सचिव ने पेयजल और बिजली की कमी से निपटने के लिए तुरंत प्रशासनिक तैयारी करने का निर्देश दिया है। हैदराबाद में नए बोरवेल ड्रिलिंग पर लगाई गई पाबंदी इसी रणनीति का हिस्सा है।
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तेलंगाना सरकार के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन ने एल नीनो के संभावित प्रभावों के मद्देनजर राज्य भर में सूक्ष्म स्तर पर आकस्मिक योजनाएं तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मौसमी घटना से जलापूर्ति और विद्युत संकट की स्थिति बन सकती है, जिसके लिए अभी से तैयारी जरूरी है।
जल संरक्षण के उपायों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी करते हुए रंजन ने हैदराबाद में निर्माण कार्य और अन्य प्रयोजनों के लिए नए बोरवेल ड्रिलिंग की अनुमति न देने का आदेश दिया है। यह कदम भूजल संसाधनों को संरक्षित रखने की रणनीति का अंग है।
प्रशासन ने विभिन्न विभागों को एक समन्वित कार्य योजना बनाने के लिए कहा है, जिसमें पानी की बर्बादी रोकने, विद्युत वितरण में सुधार और वैकल्पिक जल स्रोतों के विकास पर ध्यान दिया जाए। स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन को भी अपने स्तर पर तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार एल नीनो से वर्षा में अनियमितता और तापमान में वृद्धि की संभावना होती है, जिससे जल संकट गहरा सकता है। इसलिए तेलंगाना सरकार के इस सक्रिय दृष्टिकोण का उद्देश्य संकट आने से पहले ही प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।