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अधूरे प्रोजेक्ट में फंसे खरीदारों को RERA देता है वापसी का रास्ता
तेलंगाना के नियामक ने एक खरीदार को 14.17 लाख रुपये की वापसी के साथ 6.4 लाख का ब्याज देने का आदेश दिया है। RERA नियमों के तहत आवास खरीदारों को अपने अधिकार जानना जरूरी है।
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रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) के जरिए आवास खरीदार अब विलंबित या अधूरे प्रोजेक्ट से अपने पैसे वापस पा सकते हैं। तेलंगाना के RERA नियामक ने हाल में एक निर्माता के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक खरीदार को 14.17 लाख रुपये की मूल रकम के साथ 6.4 लाख रुपये ब्याज के रूप में प्रदान करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन हजारों खरीदारों के लिए उम्मीद की किरण है जो फंसे हुए प्रोजेक्ट में अपना निवेश खो चुके हैं।
RERA कानून 2016 में लागू किए जाने के बाद से घोटालेबाज निर्माताओं के विरुद्ध एक मजबूत उपकरण साबित हुआ है। किसी प्रोजेक्ट में अनुचित विलंब, सहमत समय सीमा का उल्लंघन, या निर्माण की गुणवत्ता में कमी की स्थिति में खरीदार शिकायत दर्ज कर सकते हैं। नियामक प्राधिकरण इन मामलों की जांच करता है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
अधिकार जागरूकता विशेषज्ञों के अनुसार, खरीदारों को अपने साथ सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए और किसी भी असामान्यता की स्थिति में तुरंत RERA को सूचित करना चाहिए। मुआवजे की रकम, ब्याज दर और अन्य लाभों को लेकर RERA के पास स्पष्ट दिशानिर्देश हैं जो सीधे राज्य के नियमों में परिभाषित हैं।
यह निर्णय दिखाता है कि सुव्यवस्थित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से आवास खरीदारों की सुरक्षा संभव है। अब तक देशभर के RERA प्राधिकरणों ने हजारों ऐसे मामलों में निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की है और खरीदारों को राहत दिलाई है।