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गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना विवाद में, बीआरएस को षड्यंत्र का संदेह
तेलंगाना की बीआरएस पार्टी ने गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबु नायडु पर राज्य के अधिकारों को नकारने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश राव ने इसे एक बड़ी साजिश बताया है।
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तेलंगाना की राजनीति में गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया है। बीआरएस पार्टी के प्रमुख नेता हरीश राव ने इस परियोजना को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबु नायडु की ओर से तेलंगाना के जल संसाधनों संबंधी अधिकारों को कमजोर करने का एक नया प्रयास करार दिया है।
राव के अनुसार, यह परियोजना तेलंगाना को न्याय देने की बजाय राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र है। बीआरएस पार्टी का मानना है कि चंद्रबाबु नायडु की सरकार इस योजना के माध्यम से अपने राज्य के लिए अतिरिक्त जल संसाधन सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है।
तेलंगाना की अलग राज्य बनने के बाद से ही दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर विवाद बना हुआ है। गोदावरी और कावेरी नदी प्रणालियां दोनों राज्यों के लिए कृषि और पेयजल की आपूर्ति के मामले में महत्वपूर्ण हैं।
बीआरएस पार्टी ने केंद्र सरकार और संबंधित जल संसाधन विभागों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि तेलंगाना के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। पार्टी का आरोप है कि ऐसी परियोजनाएं आंतरराज्यीय जल विवादों को और गंभीर बना सकती हैं।