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किराये का मकान खाली करते समय मकान मालिक किन परिस्थितियों में डिपॉजिट रख सकता है
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किरायेदार दीवारों की पुताई, नियमित मरम्मत और अस्पष्ट शुल्कों में कटौती को चुनौती दे सकते हैं। जानें कि मकान खाली करते समय आपके सुरक्षा जमा पर किराएदार के कानूनी अधिकार क्या हैं।
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किराये के मकान से बाहर निकलते समय किरायेदारों के सुरक्षा जमा को लेकर विवाद की स्थिति अक्सर बनी रहती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मकान मालिकों को केवल वास्तविक क्षति और असाधारण खर्चों के लिए ही जमा राशि में कटौती करने का अधिकार है। दीवारों की पुताई, कमरों की साफ-सफाई और नियमित मरम्मत जैसे खर्च सामान्य रखरखाव की श्रेणी में आते हैं और इनके लिए जमा से पैसे नहीं काटे जा सकते।
कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि मकान मालिक केवल असाधारण क्षति के लिए ही जमा राशि का उपयोग कर सकते हैं, जैसे दीवारों में बड़े छेद, फर्नीचर से दाग या संरचनात्मक नुकसान। साथ ही, किसी भी कटौती के लिए मकान मालिक को विस्तृत विवरण और प्रमाण प्रदान करने के लिए बाध्य होते हैं। किरायेदारों को किसी भी अस्पष्ट या अनुचित शुल्क पर सवाल उठाने का पूर्ण अधिकार है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किरायेदारों को मकान से बाहर निकलते समय दोनों पक्षों की ओर से मकान का निरीक्षण करवाना चाहिए और किसी भी पूर्व-मौजूद क्षति को दस्तावेज़ित करना चाहिए। मकान मालिक द्वारा जमा राशि में कटौती किए जाने की स्थिति में, किरायेदारों को लिखित आपत्ति दर्ज करने का विकल्प होता है। यदि विवाद का समाधान नहीं होता, तो किरायेदार इसे उपभोक्ता संरक्षण आयोग या किराया नियंत्रण अधिकारी के समक्ष ले जा सकते हैं।