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ठाकरे कजिन्स का 'गर्जना मोर्चा', इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली को चुनौती
राज ठाकरे के नेतृत्व में चलाए जा रहे आंदोलन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को खत्म करने और पारंपरिक मतपत्र प्रणाली लौटाने की मांग उठाई जा रही है।
LSN India ·

महाराष्ट्र के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार के सदस्य राज ठाकरे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली को समाप्त करने की मांग करते हुए एक व्यापक आंदोलन शुरू किया है। इस 'गर्जना मोर्चा' के माध्यम से ठाकरे परिवार के सदस्यों ने निर्वाचन प्रक्रिया में मौलिक बदलाव की अपील की है। वे मानते हैं कि पारंपरिक मतपत्र प्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय है।
राज ठाकरे के नेतृत्व वाले इस आंदोलन का मुख्य फोकस यह है कि पूरी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन प्रणाली को निरस्त किया जाए और देश के चुनाव कागजी मतपत्रों के जरिए संपन्न हों। परिवार के इस हिस्से का तर्क है कि ईवीएम तकनीक से जुड़ी गोपनीयता और सुरक्षा के सवाल हैं।
ठाकरे परिवार के इस वर्ग का यह कदम भारतीय निर्वाचन प्रणाली को लेकर बढ़ती बहस का हिस्सा है। विरोधी दल और कई नागरिक समूह समय-समय पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ईवीएम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के दावे करता रहा है।
यह आंदोलन एक बड़े राजनीतिक संदेश को दर्शाता है और महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियों में नई गति आने का संकेत है। ठाकरे परिवार की इस कार्रवाई से अन्य विपक्षी दलों में भी समान विचारों को बल मिल सकता है।