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नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को बधाई न देने पर थरूर का सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता शashi थरूर ने तमिल मूल की नावी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर भारतीय सरकार की ओर से बधाई न दिए जाने की आलोचना की है। पिल्लै संयुक्त राष्ट्र के पूर्व मानवाधिकार प्रमुख हैं।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शashi थरूर ने केंद्र सरकार पर तीव्र प्रहार किया है, कहा कि सरकार ने भारतीय मूल की एक प्रतिष्ठित शख्सियत को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर बधाई देने में विफल रही है। थरूर के अनुसार यह व्यवहार "छोटे लोगों की लज्जाजनक हरकत" है।
नावी पिल्लै, जिनका जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ और तमिल मूल के परिवार से संबंध रखती हैं, इस वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सम्मानित की गई हैं। पिल्लै संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय की पूर्व प्रमुख रहीं और उनके कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक स्वीकृति मिली है।
एक भारतीय मूल की हस्ती को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मानों में से एक मिलने को आमतौर पर देश के लिए गर्व का विषय माना जाता है। राजनेताओं और सार्वजनिक हस्तियों की ओर से ऐसे अवसरों पर बधाई संदेश देना परंपरागत प्रथा रही है।
थरूर की आलोचना सरकार के इस रुख को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। विपक्ष का तर्क है कि ऐसे अवसरों पर राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना के साथ काम लेना चाहिए, चाहे व्यक्ति किसी भी पृष्ठभूमि से हो।