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गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की समीक्षा की मांग, व्यापार बाधाओं को लेकर चिंता
आर्थिक विचार समूह जीटीआरआई ने गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की समीक्षा करने का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि अनिवार्य प्रमाणन से छोटे कारोबार को नुकसान हो रहा है और वस्तुओं की कीमत बढ़ रही है।
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भारतीय आर्थिक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने रविवार को गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) की समीक्षा के लिए आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि ये मानदंड उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें, लेकिन आयात प्रतिबंध या लाइसेंसिंग बाधा न बनें।
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के अनुसार इन आदेशों के तहत अनिवार्य गुणवत्ता प्रमाणन से लागत में वृद्धि हो रही है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नुकसान पहुंच रहा है और उपभोक्ताओं के लिए वस्तुएं अधिक महंगी हो रही हैं।
संगठन के अनुसार यदि अन्य देश भी इसी तरह के आदेश अपनाते हैं, तो भारतीय निर्यातकों को अलग-अलग देशों के लिए विशिष्ट प्रमाणन प्राप्त करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। यह तब भी करना पड़ेगा जब उनके उत्पाद पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हों। इससे अधिकारियों की यात्रा, ठहरने, लाइसेंसिंग, नवीकरण और परीक्षण शुल्क में भारी खर्च होगा।
श्रीवास्तव ने कहा कि यह प्रणाली निर्यात लागत को बढ़ाएगी, माल भेजने में देरी करेगी और व्यापार के लिए नई बाधाएं खड़ी करेगी। उन्होंने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि क्यूसीओ उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें और साथ ही एमएसएमई को कमजोर होने से बचाया जा सके।