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पितृपक्ष में इन तीन वस्तुओं की खरीदारी से बचें: धार्मिक मान्यता
हिंदू परंपरा के अनुसार पितृपक्ष के दौरान कुछ विशेष वस्तुओं की खरीदारी करना अशुभ माना जाता है। झाड़ू, नमक और सरसों का तेल इन्हीं निषिद्ध वस्तुओं में प्रमुख हैं।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष की अवधि में परिवार के पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इस पखवाड़े भर के दौरान घरेलू खरीदारी के संबंध में भी कई परंपरागत प्रतिबंध माने जाते हैं।
पारंपरिक विश्वास के अनुसार झाड़ू, नमक और सरसों का तेल की खरीदारी पितृपक्ष में त्रिदोष का कारण बनती है। यह त्रिदोष किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है और व्यक्ति की परिस्थितियों में तेजी से बदलाव ला सकता है।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार इस पवित्र अवधि में घरों की सफाई-सफाई से संबंधित कार्य भी सीमित रखे जाते हैं। पितृपक्ष में घर में नकारात्मकता न आए, इसके लिए इन वस्तुओं की खरीदारी से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
हिंदू धर्मशास्त्र में कहा गया है कि यह नियम पालन करने से पूर्वजों को शांति मिलती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पितृपक्ष के समय इन तीन वस्तुओं को खरीदने की बजाय पहले से ही अपनी जरूरत की चीजें खरीद लेनी चाहिए।