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थ्रिसूर के कॉलेज छात्रों ने रेशम उत्पादन में बुनी नई परियोजना

वीमल कॉलेज की जूलॉजी छात्राओं ने 'वी-वीव' नाम के स्टार्टअप के माध्यम से कपड़ा उद्योग में प्रवेश किया है। छात्राएं कक्षा से परे जाकर रेशम उत्पादन और बुनाई में अपनी पहली पहल कर रही हैं।

LSN India · 8 September 2026

थ्रिसूर के कॉलेज छात्रों ने रेशम उत्पादन में बुनी नई परियोजना

केरल के थ्रिसूर जिले में स्थित वीमल कॉलेज की छात्राएं परंपरागत रेशम उत्पादन तकनीक को आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हुए एक नया रास्ता दिखा रही हैं। जूलॉजी विभाग की इन छात्राओं ने 'वी-वीव' नामक एक कैंपस स्टार्टअप की स्थापना की है, जिसका लक्ष्य परंपरागत रेशम साड़ियों का उत्पादन करना है।

यह परियोजना कोकून से लेकर तैयार वस्त्र तक की संपूर्ण प्रक्रिया को समझने का एक प्रायोगिक केंद्र बन गई है। छात्राएं सेरीकल्चर की बारीकियों को सीखते हुए उद्यमशीलता की ओर भी अपने कदम बढ़ा रही हैं। कॉलेज के परिसर में स्थापित इस इकाई में वे रेशम के कीड़ों के पालन से लेकर धागे के उत्पादन तक की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से संपन्न कर रही हैं।

इस पहल से न केवल छात्राओं को वास्तविक जीवन कौशल मिल रहा है, बल्कि परंपरागत हस्तकला को भी एक नई पहचान मिल रही है। 'वी-वीव' की यह यात्रा साबित करती है कि कैसे शैक्षणिक प्रतिष्ठान सामाजिक और आर्थिक मूल्य सृजन में योगदान दे सकते हैं।

इस परियोजना के जरिए छात्राएं न केवल कौशल हासिल कर रही हैं, बल्कि स्वावलंबन की ओर भी एक कदम बढ़ा रही हैं। भारतीय हस्तकला के क्षेत्र में ऐसी युवा पहलें परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सेतु का काम कर रही हैं।