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छोटे शहरों में होम लोन की मांग 64% तक पहुंची, कुल आवेदन 81% बढ़े
भारत में आवासीय ऋण क्षेत्र में डिजिटल प्रसंस्करण में तेजी आई है, जहां 2024 तक 92% आवेदन ऑनलाइन संभाले जा रहे हैं। छोटे और मध्यम शहरों ने इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई है।
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भारत के आवासीय ऋण बाजार में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जहां छोटे शहरों की मांग कुल होम लोन का 64% तक पहुंच गई है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष में आवासीय ऋण आवेदनों में 81% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्रीय विस्तार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
डिजिटल प्रौद्योगिकी ने इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाया है। 2020 में जहां महज 60% आवेदन डिजिटल तरीके से संसाधित किए जाते थे, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा 92% तक पहुंच गया है। इससे आवेदन प्रक्रिया में तेजी आई है और ग्राहकों को अधिक सुविधा मिली है।
ऋणदाता संस्थाएं भी ऑनलाइन माध्यमों पर अधिक निर्भर हो गई हैं। वर्तमान में 42% ऋणदाता अपने अधिकांश पूछताछ और जानकारी के अनुरोध ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं। इस बदलाव ने होम लोन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बना दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि छोटे शहरों में होम लोन की बढ़ती मांग मध्यवर्गीय आवासीय आकांक्षाओं और बेहतर डिजिटल पहुंच का प्रतिफलन है। यह प्रवृत्ति भारत के आवासीय क्षेत्र में समान और टिकाऊ विकास का संकेत दे रही है।