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टाइगर श्रॉफ पर हमले में शूटरों को मीडिया से रीयल-टाइम जानकारी दी जाती थी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मीडिया आउटलेट्स की खबरों के आधार पर छिपे हुए हैंडलर्स शूटरों को एन्क्रिप्टेड वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) ऐप्लिकेशन के माध्यम से तुरंत जानकारी भेज रहे थे।
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अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर किए गए हमले की जांच में पुलिस को एक चौंकाने वाला खुलासा मिला है। पूछताछ के दौरान पता चला है कि शूटरों को निर्देश देने वाले हैंडलर्स मीडिया कवरेज के माध्यम से रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त कर रहे थे और उसी आधार पर शूटरों को निर्देश दे रहे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब समाचार माध्यम घटना की खबरें प्रसारित कर रहे थे, तब छिपे हुए हैंडलर्स इस जानकारी को एन्क्रिप्टेड वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) मेसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से सीधे शूटरों तक पहुंचा रहे थे।
यह खोज इस बात को इंगित करती है कि हमला एक सुपरिकल्पित षड्यंत्र था, जिसमें विभिन्न स्तरों पर समन्वय था। हैंडलर्स का यह तरीका सुरक्षा बलों को चुनौती देता है और मामले की जांच को और जटिल बनाता है।
पुलिस ने एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन चैनलों की पहचान करने और शूटरों के साथ हैंडलर्स के संपूर्ण संचार नेटवर्क को समझने के लिए तकनीकी विश्लेषण जारी रखा है। जांच में अब तक कई संदिग्धों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।