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असम में घुसी बाघिन को शांत कर वापस लाया जा रहा है
बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भारतीय टाइगर संरक्षण परियोजना के तहत स्थानांतरित तीन साल की बाघिन को असम से वापस लाने की कार्रवाई शुरू की गई है। जानवर को शांत करने के बाद उसे वापस स्थानांतरित किया जा रहा है।
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असम में घुसने वाली एक बाघिन को शांत करके वापस लाने की कार्रवाई शुरू की गई है। यह बाघिन पिछले कुछ समय से वन्यजीव अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। असम की सीमा में उसकी मौजूदगी से स्थानीय आबादी में असुरक्षा की भावना थी।
तीन वर्षीय इस बाघिन को अक्टूबर के पहले सप्ताह में बिहार के प्रतिष्ठित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बांग्लादेश के सुंदरबन ट्राइजल रिजर्व (बीटीआर) में स्थानांतरित किया गया था। यह स्थानांतरण पूरे भारत में बाघों की आबादी को संतुलित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संरक्षण प्रोटोकॉल के अंतर्गत किया गया।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में यह बाघिन बीटीआर से निकलकर असम की सीमा में प्रवेश कर गई। वन विभाग के अधिकारियों ने तुरंत उसे ट्रैक करना शुरू कर दिया। बाघिन को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और स्थानांतरित करने के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की गई।
वर्तमान में बाघिन को शांत करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जानवर को सुरक्षित रूप से एक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय प्रशासन, पर्यावरण विभाग और वन्यजीव संरक्षण संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं।