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मरे नदी में लकड़ी की संरचनाएं स्थापित कर मछलियों की संख्या तिगुनी की गई
ऑस्ट्रेलिया की मरे नदी के 110 किलोमीटर लंबे हिस्से में शोधकर्ताओं ने 4,450 लकड़ी की संरचनाओं को स्थापित कर जलीय वातावरण को बहाल किया है। इस सात साल की परियोजना से मरे कॉड मछलियों की संख्या में तीन गुना और गोल्डन पर्च में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।
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ऑस्ट्रेलिया में नदी संरक्षण के एक महत्वपूर्ण प्रयास के तहत शोधकर्ताओं ने मरे नदी के 110 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में लकड़ी की संरचनाओं के माध्यम से जलीय आवास को पुनः स्थापित किया है। इस परियोजना में कुल 4,450 लकड़ी के टुकड़ों का उपयोग किया गया, जिन्हें नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया।
सात वर्षों की अवधि में इस संरक्षण प्रयास के असाधारण परिणाम सामने आए हैं। मरे कॉड मछलियों की संख्या में तीन गुना वृद्धि देखी गई, जबकि गोल्डन पर्च मछलियों की संख्या दोगुनी हुई है। ये आंकड़े नदी के पारिस्थितिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मछलियों की संख्या में यह वृद्धि केवल लकड़ी की संरचनाओं के प्रभाव तक सीमित नहीं है। आस-पास के जल स्रोतों से मछलियों का आवागमन और प्राकृतिक प्रजनन भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है। लकड़ी की संरचनाएं मछलियों के लिए शरण स्थल और भोजन के स्रोत के रूप में काम करती हैं।
यह परियोजना नदी संरक्षण और जलीय जीवन के पुनरुद्धार के लिए प्राकृतिक और सरल तरीकों की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के आवास पुनः स्थापना कार्यक्रमों को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।