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कुंभ के 0.1 प्रतिशत बजट से 125 स्कूल बचाए जा सकते थे: न्यायाधीश
नाशिक कुंभ के खर्च का महज 0.1 प्रतिशत हिस्सा 100-125 मराठी स्कूलों को बंदी से बचा सकता था। यह टिप्पणी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पीबी वरले ने की है।
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महाराष्ट्र उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पीबी वरले ने नाशिक कुंभ मेले के विशाल बजट पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस आयोजन के खर्च का एक हजारवां हिस्सा भी शिक्षा क्षेत्र में लगाया जाता तो स्थिति बिल्कुल अलग होती।
न्यायाधीश वरले के अनुसार, कुंभ मेले के कुल व्यय का मात्र 0.1 प्रतिशत यदि शिक्षा के लिए आवंटित किया गया होता तो करीब 100 से 125 मराठी माध्यम के स्कूलों को बंद होने से बचाया जा सकता था। इस टिप्पणी के माध्यम से न्यायाधीश ने सार्वजनिक संसाधनों के आवंटन में प्राथमिकताओं पर ध्यान आकृष्ट किया है।
महाराष्ट्र में मराठी माध्यम के स्कूलों के बंद होने का सिलसिला समय-समय पर सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों की चिंता का विषय रहा है। न्यायाधीश की यह टिप्पणी इस गंभीर मुद्दे पर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास प्रतीत होती है।
कुंभ मेला भारत के सांस्कृतिक आयोजनों में सबसे बड़ा माना जाता है। नाशिक कुंभ के आयोजन के लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। न्यायाधीश की यह मत्व्यवहार सरकारी खर्च के संतुलन और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।