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तजिंदरपाल सिंह तूर को एशियाई खेलों में रजत पदक, हैट्रिक का सपना टूटा
भारतीय गोलक फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर नागोया में एशियाई खेलों के दौरान लगातार तीसरे स्वर्ण पदक जीतने के अपने लक्ष्य में विफल रहे। गीली पिच और चोटों की समस्याओं के बीच उन्हें शनिवार को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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भारतीय गोलक फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर के एशियाई खेलों में लगातार स्वर्ण पदक जीतने की बिड़ को नागोया में एक झटका लगा। शनिवार को होने वाली प्रतियोगिता में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और शारीरिक समस्याओं का सामना करते हुए तूर को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। वर्षा की वजह से गीली पिच पर खिलाड़ियों को अपनी सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस देने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
तूर ने पिछले एशियाई खेलों में गोलक फेंक स्पर्धा में लगातार स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार उनके लक्ष्य को हासिल करने के रास्ते में कई बाधाएं आईं। मौसम की नकारात्मक परिस्थितियों के अलावा खिलाड़ी के साथ चोटों की भी समस्या जुड़ी हुई थी जिसने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।
यह पहली बार नहीं है कि भारतीय एथलेटों को एशियाई खेलों में मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। नागोया में आयोजित ये खेल कई भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम न दे पाए। तूर का रजत पदक भारत के पदक तालिका में अपना योगदान दिया है, लेकिन हैट्रिक का सपना अधूरा रह गया।