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आईआईटी, आईआईएससी और बिट्स पिलानी को आरडीआई योजना में शामिल किया गया
भारत की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं को एक लाख करोड़ रुपये की अनुसंधान विकास और नवाचार योजना के तहत निधि प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया है। कुल 19 संस्थानों को इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कार्यक्रम में भूमिका दी गई है।
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भारत सरकार की अनुसंधान विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना के तहत देश की शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को निधि प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय विज्ञान संस्थान और बिट्स पिलानी सहित कुल 19 संस्थानों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह निर्णय देश के वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एक लाख करोड़ रुपये की यह योजना भारत को अनुसंधान और विकास में आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश की शिक्षा और प्रौद्योगिकी संस्थानों को अपने अनुसंधान कार्यक्रमों को विस्तृत करने का अवसर मिलेगा। चुनी गई संस्थाओं को उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करने की भी जिम्मेदारी दी गई है।
यह योजना भारत के युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाएं और संसाधन प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। निधि प्रबंधकों के रूप में इन संस्थानों की भूमिका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा, यह संस्थाएं नवाचारी समाधानों को विकसित करने और उन्हें व्यावहारिक प्रयोगों में लाने में सहायक भूमिका निभाएंगी।