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दो व्यापार संगठन यूपीआई विरोध से हटे, वित्त मंत्री से मिले
एआईसीपीडीएफ और एआईएमआरए ने सरकार से यूपीआई एमडीआर स्थगित करने और सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाने की अपील के बाद 2 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन से पीछे हट गए हैं।
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भारतीय व्यापारी और छोटे व्यापार संगठनों के दो प्रमुख निकायों ने वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद 2 अक्टूबर को प्रस्तावित यूपीआई विरोध प्रदर्शन से अपनी भागीदारी वापस ली है। ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ पेमेंट्स डिजिटल फाउंडेशन (एआईसीपीडीएफ) और ऑल इंडिया मर्चेंट्स रेजिस्ट्रेशन एसोसिएशन (एआईएमआरए) की ओर से यह कदम उठाया गया है।
दोनों संगठनों ने सरकार के समक्ष यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू न करने और वर्तमान सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाने की मांग की है। इन मुद्दों पर वित्त मंत्री से की गई बातचीत को दोनों निकायों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से चिंतित है, जिससे छोटे और मध्यम दुकानदारों के लिए लागत बढ़ सकती है। एआईसीपीडीएफ और एआईएमआरए की सहमति से संकेत मिलता है कि सरकार इस मामले पर व्यापार समुदाय के साथ संवाद के लिए तैयार है।
विरोध प्रदर्शन से हटने की यह घोषणा दशहरे के दिन निर्धारित किए गए कार्यक्रम को कम विवादास्पद बना सकती है। व्यापार निकायों का कहना है कि वे सरकार के साथ अपनी बातचीत जारी रखेंगे ताकि डिजिटल भुगतान व्यवस्था में सभी पक्षों के हितों को संरक्षित किया जा सके।