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प्रधानमंत्री के सचिव ने कहा- प्रतिबंध और टैरिफ नीति का हथियार बन गए हैं
प्रमुख सरकारी अधिकारी पीके मिश्रा ने कहा कि निर्यात प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ अक्सर आर्थिक नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र अपना रहा है।
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प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पीके मिश्रा ने शनिवार को कहा कि निर्यात प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ आर्थिक नीति के व्यावहारिक साधन बन गए हैं और कई बार इनका दुरुपयोग भी होता है। उच्च सरकारी अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि युद्ध और संघर्ष विश्वव्यापी ऊर्जा एवं खाद्य बाजारों में व्यवधान पैदा करते हैं।
कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जिसका विषय 'एक जोखिम-मूल्य निर्धारित विश्व' था, मिश्रा ने कहा कि समुद्री मार्ग और भौगोलिक संकीर्ण स्थान आर्थिक कमजोरी के स्रोत बन गए हैं। भारत के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वह प्रमुख ऊर्जा आयातक देश है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास व्यवधान से भारत को स्पष्ट संदेश मिला है कि भूगोल कैसे आर्थिक जोखिम में परिणत हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में लंबे समय तक व्यवधान भारत की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
मिश्रा ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को रेखांकित करते हुए कहा कि देश ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई परतों वाला संरक्षण तंत्र अपनाया है। यह दृष्टिकोण वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में भारत की लचीली और टिकाऊ विकास रणनीति को दर्शाता है।