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रोटी की लोई बनाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करें

शास्त्रों के अनुसार, रसोई में लोई बनाने का तरीका घर की समृद्धि और सकारात्मकता को प्रभावित करता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चिकनी और गोल लोई बनाने से देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

LSN India · 22 September 2026

रोटी की लोई बनाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रोटी बनाने की प्रक्रिया केवल एक रसोई का काम नहीं है, बल्कि यह घर की आध्यात्मिक ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। खासकर लोई बनाने का तरीका काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शास्त्रों में इस बात का विशेष उल्लेख है कि लोई बनाते समय उस पर उंगलियों के गहरे निशान छोड़ना अशुभ माना जाता है।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी लोई जिस पर उंगलियों के चिन्ह हों, उसे पिंडदान की लोई के समान माना गया है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और देवी अन्नपूर्णा की कृपा दूर हो जाती है। इसलिए वास्तु विशेषज्ञ हमेशा यह सुझाव देते हैं कि लोई बनाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

वास्तु के अनुसार सही तरीका यह है कि लोई को हथेलियों के बीच हल्के हाथों से घुमाकर बनाया जाए। इससे न केवल लोई गोल और चिकनी बनती है, बल्कि यह प्रक्रिया देवी लक्ष्मी और अन्नपूर्णा की आशीर्वाद को भी आमंत्रित करती है। इस विधि से बनी रोटी को घर में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाने वाली माना जाता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि रसोई में किये जाने वाले कार्यों में सकारात्मक भाव और सही तरीका बहुत जरूरी है। लोई बनाते समय यदि आप पूरी एकाग्रता और शुद्धता के साथ यह काम करें, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।