Culture & Entertainment · India Bureau
कृषि मेले में पारंपरिक बीजों के संरक्षण पर जोर दिया गया
कृषि क्षेत्र में परिवर्तनशील परिस्थितियों के बीच देशीय बीज किस्मों को बचाए रखने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक बीजों का संरक्षण खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।
LSN India ·

कृषि मेले का आयोजन पारंपरिक बीज किस्मों के महत्व को रेखांकित करते हुए किया गया है। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों और किसानों ने देशीय बीजों को संरक्षित रखने के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। इन बीजों को संरक्षित रखने से जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
भारतीय कृषि परंपरा में विभिन्न क्षेत्रों के लिए विकसित की गई बीज किस्में हजारों वर्षों से खेती में प्रयोग की जाती रही हैं। ये स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल होने के साथ ही कम रासायनिक खाद और कीटनाशकों की आवश्यकता पड़ती है। आधुनिक कृषि पद्धतियों के कारण इन पारंपरिक किस्मों का उपयोग क्रमशः कम हो रहा है।
मेले में किसानों को बीज बैंकों और सामुदायिक भंडारों के माध्यम से पारंपरिक किस्मों तक पहुंचने के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसानों को सरकारी समर्थन और प्रशिक्षण के साथ इन बीजों का उपयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक बीजों का संरक्षण केवल सांस्कृतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी आवश्यक है। इस दिशा में राज्य स्तर पर विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि किसान इन बीजों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित हों।