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दूरसंचार क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर मानवीय निरीक्षण जरूरी: ट्राई
भारतीय दूरसंचार नियामक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास में उचित सुरक्षा उपायों की मांग की है। इसी बीच भारतीय दूरसंचार उद्योग संघ और ब्रिटिश सरकार के बीच डिजिटल संपर्क और जिम्मेदार तकनीकी नवाचार पर सहयोग का समझौता हुआ है।
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दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग को लेकर मानवीय निरीक्षण और सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया है। नियामक का यह रुख इस बात को देखते हुए है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दूरसंचार उद्योग को तेजी से बदल रही है।
इसी समय, भारतीय दूरसंचार उद्योग संघ (कोएआई) और यूनाइटेड किंगडम की सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल संपर्क, डिजिटल विश्वास और जिम्मेदार तकनीक-केंद्रित नवाचार के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता दोनों देशों के बीच दूरसंचार और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समझौते के तहत दोनों पक्ष नई तकनीकों के विकास में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान देंगे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता दूरसंचार सेवाओं में अधिक एकीकृत होती जा रही है, उपभोक्ता डेटा संरक्षण और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम और मानवीय निरीक्षण दोनों ही आवश्यक है। इस दिशा में नियामकीय निकायों द्वारा की जा रही पहल सकारात्मक संकेत है।