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एआई विफलताओं की रिपोर्टिंग के लिए ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने प्रस्ताव दिया है कि एयरटेल, जियो और वोडाफोन जैसी टेलीकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की किसी भी खराबी के लिए सीधे जवाबदेह हों। इसमें बाहरी विक्रेताओं से खरीदी गई एआई भी शामिल है।
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ट्राई ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है जिसमें टेलीकॉम कंपनियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी गंभीर विफलताओं की रिपोर्टिंग सीधे नियामक को करनी होगी। यह निर्देश देश के प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों को अपने नेटवर्क और सेवाओं में एआई के उपयोग की जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य करता है।
निर्देशों के अनुसार, यह जवाबदेही केवल खरीदी गई एआई तक सीमित नहीं है। चाहे दूरसंचार कंपनियां एआई प्रणालियां स्वयं विकसित करें या किसी बाहरी विक्रेता से खरीदें, सभी परिस्थितियों में उन्हें पूर्ण जिम्मेदारी वहन करनी होगी।
यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण होने वाली खामियों या विफलताओं से ग्राहकों को कोई नुकसान न हो। ट्राई का मानना है कि दूरसंचार कंपनियों को अपने द्वारा उपयोग की जाने वाली एआई प्रणालियों पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए और किसी भी समस्या के बारे में तुरंत नियामक को सूचित करना चाहिए।
इस प्रस्ताव के साथ, ट्राई भारत में एआई नियंत्रण को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और दूरसंचार क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करना चाहता है।