LSN News › India

Politics · India Bureau

ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने सबरिमला प्रवेश से इनकार के खिलाफ केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसमें सबरिमला मंदिर में प्रवेश से इनकार करने की प्रथा को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के लिए कोई वैध कानूनी प्रावधान या सरकारी आदेश मौजूद नहीं है।

LSN India · 24 August 2026

ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने सबरिमला प्रवेश से इनकार के खिलाफ केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

केरल के प्रसिद्ध सबरिमला मंदिर में प्रवेश को लेकर एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करते हुए कहा है कि उन्हें मंदिर में प्रवेश से रोका गया है, जो भारतीय संविधान द्वारा गारंटीशुदा अधिकारों का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मंदिर प्रवेश को रोकने के लिए न तो कोई वैध कानूनी प्रावधान है, न ही कोई सरकारी आदेश या अधिसूचित नियम है। साथ ही, मंदिर प्रबंधन या पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसी प्रतिबंध के लिए कोई औपचारिक नीति लागू नहीं की गई है।

सबरिमला मंदिर पूजा स्थल होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस मामले को कानूनी दृष्टिकोण से देखते हुए यह प्रश्न उठता है कि क्या किसी भी धार्मिक संस्थान को संवैधानिक अधिकारों के आधार पर किसी को प्रवेश से रोकने का अधिकार है।

यह मामला भारत में लैंगिक समानता और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर से विचार करने का अवसर प्रदान करता है। अदालत के निर्णय का व्यापक सामाजिक और कानूनी प्रभाव हो सकता है।