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24 साल की नौकरी के बाद बर्खास्त प्रबंधक को मिला मुआवजा
एक फर्नीचर कंपनी के परिवहन प्रबंधक को 21,360 पाउंड की सड़क मरम्मत बिलों को लेकर बर्खास्त किया गया था। न्यायाधिकरण ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उसे 34,326 पाउंड का मुआवजा देने का आदेश दिया।
LSN India ·

डंडी में एक फर्नीचर कंपनी के परिवहन प्रबंधक को 24 साल की सेवा के बाद अन्यायपूर्ण तरीके से बर्खास्त किए जाने का मामला सामने आया है। कंपनी ने उसे 21,360 पाउंड की सड़क मरम्मत संबंधी बिलों को लेकर संदेह में ले लिया था।
श्रमिक न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में पाया कि कंपनी प्रबंधन ने इस मामले की न्यायसंगत जांच नहीं की। इसके अलावा, कंपनी ने उन तमाम साक्ष्यों को नजरअंदाज कर दिया जो प्रबंधक को आरोपों से मुक्त करते थे।
न्यायाधिकरण ने माना कि कर्मचारी को गलत तरीके से नौकरी से निकाला गया था। इस निर्णय के आधार पर अदालत ने कंपनी को प्रबंधक को 34,326 पाउंड का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह मामला श्रमिकों के अधिकारों और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण संदेश देता है। न्यायाधिकरण के फैसले से स्पष्ट हुआ कि किसी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले कंपनियों को सभी तथ्यों की समीक्षा करनी चाहिए।