LSN News › India

Business · India Bureau

ईरान पर आर्थिक दबाव के लिए अमेरिका सहयोगियों और चीन को मनाने में जुटा

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की टिप्पणियों से जाहिर हो रहा है कि ट्रम्प प्रशासन तेहरान पर सैन्य दबाव की जगह आर्थिक रणनीति अपना रहा है। छह महीने तक चली इस विवादास्पद नीति के तहत वाशिंगटन अपने सहयोगियों और चीन को भी इसमें शामिल करना चाहता है।

LSN India · 20 August 2026

अमेरिकी प्रशासन ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक रणनीति को मजबूत करने के लिए मित्र राष्ट्रों और चीन को साथ लाने का प्रयास कर रहा है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की हालिया टिप्पणियां दर्शाती हैं कि ट्रम्प सरकार सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव को प्राथमिकता दे रही है।

इस रणनीति परिवर्तन के बीच अमेरिका अपने पारंपरिक सहयोगियों को ईरान पर प्रतिबंध और आर्थिक नीतियों में सहयोग करने के लिए राजी करना चाहता है। साथ ही, वाशिंगटन बीजिंग को भी इस कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है। यह कदम ईरान के साथ अमेरिकी रिश्तों में एक नए चरण का संकेत देता है।

विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य विकल्प की तुलना में आर्थिक दबाव अधिक टिकाऊ और व्यापक समर्थन प्राप्त करने वाली रणनीति साबित हो सकती है। इस पद्धति से अमेरिका बहुपक्षीय सहमति के माध्यम से ईरान पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत जैसे देशों के लिए यह विकास महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान के साथ आर्थिक संबंध क्षेत्रीय राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। अमेरिकी नीति में यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार संबंधों पर व्यापक असर डाल सकता है।