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ट्रम्प प्रशासन H-1B वीसा पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगाने की तैयारी में
अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन H-1B कार्य वीसा धारकों पर एक लाख डॉलर से अधिक का शुल्क लगाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, जून में एक संघीय न्यायाधीश ने इस शुल्क को अवैध करार दिया था और इसे लागू करने पर रोक लगाई थी।
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ट्रम्प प्रशासन भारतीय और अन्य देशों के पेशेवरों को प्रभावित करने वाले H-1B कार्य वीसा पर भारी शुल्क लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रशासन द्वारा प्रस्तावित यह शुल्क एक लाख डॉलर से अधिक होगा, जो सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में विदेशी कुशल कार्यबल पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा।
यह कदम भारतीय IT पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अमेरिका में H-1B वीसा का सबसे बड़ा समूह हैं। प्रस्तावित शुल्क विदेशी कुशल कार्यबल को अमेरिकी नियोक्ताओं के लिए अत्यधिक महंगा बना सकता है और भारतीय पेशेवरों के लिए अवसर में कमी ला सकता है।
गौरतलब है कि एक संघीय न्यायाधीश ने जून में इसी तरह के शुल्क को अवैध घोषित किया था और ट्रम्प प्रशासन को इसे लागू करने से रोक दिया था। न्यायाधीश का निर्णय था कि यह शुल्क मौजूदा कानूनों के अनुरूप नहीं है। वर्तमान प्रयास इसी विवाद का एक नया संस्करण प्रतीत होता है।
यदि ट्रम्प प्रशासन इस शुल्क को लागू करने में सफल हो जाता है, तो इसका असर भारतीय IT कंपनियों और अमेरिकी नियोक्ताओं दोनों पर पड़ेगा। कानूनी चुनौतियों का सामना करने की संभावना है, जैसा कि पहले देखा गया है।