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फ्रांस के छात्र आंदोलन को ट्रंप देते हैं धार्मिक रंग
फ्रांस में शिक्षा प्रणाली की कमियों पर शुरू हुए छात्र आंदोलन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्लामी प्रभाव से जोड़ रहे हैं। विशेषज्ञ इस दावे को तथ्यों से परे मानते हैं।
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फ्रांस में स्कूलों में कर्मचारियों की कमी को लेकर जो छात्र आंदोलन शुरू हुआ था, वह अब देशव्यापी प्रदर्शनों का रूप ले चुका है। शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्र और शिक्षकों ने सड़कों पर उतरे हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस आंदोलन को प्रवासन और धार्मिक प्रभाव से जोड़ते हुए इसे "इस्लामी अधिग्रहण" का नाम दिया है।
ट्रंप के दावे के अनुसार फ्रांस पर मुस्लिम आबादी का बढ़ता प्रभाव है, लेकिन इस कथन पर तुरंत सवालिया निशान लगे हैं। विश्लेषकों के अनुसार फ्रांस में चल रहे प्रदर्शन पूरी तरह से शिक्षा नीति और संसाधनों की कमी से संबंधित हैं, न कि किसी धार्मिक या सांस्कृतिक संघर्ष से।
फ्रांसीसी अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक छात्र आंदोलन मुख्य रूप से वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य परिस्थितियां और शिक्षा में निवेश बढ़ाने की मांग पर केंद्रित है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सामाजिक गतिविधि का एक सामान्य रूप है जो लोकतांत्रिक समाजों में नियमित रूप से देखा जाता है।
ट्रंप की टिप्पणियों ने पश्चिमी देशों में आव्रजन और धार्मिक बहुलवाद के बारे में राजनीतिक वाद-विवाद को फिर से जगाया है। वहीं, विश्लेषकों का मानना है कि वास्तविक मुद्दों को धार्मिक फ्रेमिंग देना समस्याओं को समझने में बाधा डालता है।