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हूतियों पर हमले का आदेश देने के बाद ट्रंप ने बदला रुख
सऊदी अरब के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान की अपील के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने हूती समूह पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के आदेश को दो दिन में वापस ले लिया। इस उलट-फेर से सऊदी सहयोग और ईरान से गहरे संघर्ष के बीच अमेरिकी नीति की दुविधा उजागर हो गई है।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ एक टेलीफोन वार्तालाप के पश्चात यमन स्थित हूती विद्रोहियों के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई के आदेश को अंतिम रूप दिया था। मोहम्मद बिन सलमान की बातचीत के बाद अमेरिकी सैन्य दल लक्ष्य निर्धारण और हमले की तैयारी में जुट गए थे। तथापि, मात्र दो दिन के अंतराल में ट्रंप प्रशासन ने इस निर्णय को पलट दिया।
इस नीतिगत परिवर्तन से अमेरिकी विदेश नीति में व्याप्त द्वंद्व स्पष्ट हो गया है। एक ओर, खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब के साथ रणनीतिक साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, वहीं दूसरी ओर ईरान से सीधे टकराव की संभावना अमेरिकी हितों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। हूती समूह को ईरान से मजबूत संबंध माना जाता है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन की जटिलता और बढ़ जाती है।
इस परिस्थिति में ट्रंप प्रशासन को सऊदी अरब की तत्काल सुरक्षा चिंताओं और व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है। हूतियों पर सैन्य कार्रवाई की संभावना ईरान को आक्रामक रुख अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती थी, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता था। ऐसे में अमेरिकी नीति निर्माता अल्पकालीन सहयोग और दीर्घकालीन सुरक्षा सरोकारों के बीच कठिन चुनाव का सामना कर रहे हैं।