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नोबेल पुरस्कार न मिलने पर ट्रम्प का नॉर्वे को तीखा संदेश
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे के निर्णय को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस निर्णय को नॉर्वे के लिए 'कलंकित करने वाला' बताया है।
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अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉर्वे की पसंद पर तीव्र प्रतिक्रिया दी है। इस साल का पुरस्कार दक्षिण अफ्रीकी न्यायाधीश और मानवाधिकार वकील नवी पिल्लई को प्रदान किया गया है। ट्रम्प ने नॉर्वे को चेतावनी दी है कि वह इस निर्णय को कभी नहीं भूलेंगे।
ट्रम्प ने नोबेल समिति के फैसले को 'अमिट कलंक' बताया है। उन्होंने इस निर्णय की तीव्र आलोचना की और इसे एक गलत चुनाव माना है। ट्रम्प ने अपनी असंतुष्टि स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह निर्णय नॉर्वे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा।
यह टिप्पणी इस बात को दर्शाती है कि ट्रम्प नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने की उम्मीद रखते थे। 2021 में राष्ट्रपति के पद से हटने के बाद भी वह इस सम्मान के प्रति आकर्षित रहे हैं। हालांकि, नोबेल समिति ने मानवाधिकार कार्यकर्ता नवी पिल्लई को उनके दशकों के कानूनी और मानवाधिकार संबंधी कार्यों के लिए सम्मानित किया है।
यह विवाद नोबेल पुरस्कार के राजनीतिक पहलुओं को फिर से सामने लाता है। विश्व भर में इस पुरस्कार को अक्सर राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों से संबंधित माना जाता है।