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इस्तांबुल के लैंडफिल से बिजली तो मिलती है, लेकिन हर घंटे 7.4 टन मीथेन रिसाव

उपग्रह डेटा से पता चला है कि इस्तांबुल के एक लैंडफिल साइट से भारी मात्रा में हरितगृह गैस निकल रही है, जबकि यह स्थान ऊर्जा उत्पादन का स्रोत भी है। यह खोज पर्यावरणीय प्रभाव और ऊर्जा लाभ के बीच के द्वंद्व को उजागर करती है।

LSN India · 7 November 2026

इस्तांबुल के लैंडफिल से बिजली तो मिलती है, लेकिन हर घंटे 7.4 टन मीथेन रिसाव

इस्तांबुल के एक प्रमुख लैंडफिल से प्रति घंटे 7.4 टन मीथेन गैस का रिसाव हो रहा है, जो उपग्रह निगरानी द्वारा पहचाना गया है। यह खोज यह दर्शाती है कि कचरा प्रबंधन सुविधाओं से पर्यावरणीय संकटों का जोखिम कितना गंभीर हो सकता है।

लैंडफिल पर जमा जैविक अपशिष्ट के विघटन से मीथेन उत्पन्न होती है। हालांकि इस साइट पर मीथेन को पकड़कर बिजली उत्पादन के लिए उपयोग किया जा रहा है, फिर भी सिस्टम द्वारा जारी गैस की महत्वपूर्ण मात्रा वायुमंडल में प्रवेश कर रही है।

मीथेन कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 80 गुना अधिक प्रभावी ग्रीनहाउस गैस है और जलवायु परिवर्तन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। इस तरह के रिसाव को नियंत्रित करना आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन की एक प्रमुख चुनौती बन गई है।

विशेषज्ञ बेहतर तकनीकें और मजबूत निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं ताकि लैंडफिल से होने वाले उत्सर्जन को घटाया जा सके और जलवायु लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।