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तुर्की के गांववासी कोयला खनन के विनाश को देखने के लिए COP31 नेताओं को आमंत्रित कर रहे हैं

तुर्की के अकबेलन वन के निकटवर्ती गांववासी कोयला खनन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को प्रदर्शित करना चाहते हैं। वे कहते हैं कि इस खनन से वनों का विनाश हुआ है और स्थानीय लोगों की आजीविका को खतरा पैदा हुआ है।

LSN India · 8 November 2026

तुर्की के गांववासी कोयला खनन के विनाश को देखने के लिए COP31 नेताओं को आमंत्रित कर रहे हैं

तुर्की के अकबेलन वन क्षेत्र के समीपवर्ती गांववासी जलवायु परिवर्तन सम्मेलन COP31 के नेताओं को अपने क्षेत्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। गांववासियों का मानना है कि इस दौरे से वैश्विक नेताओं को कोयला खनन के कारण पर्यावरण को पहुंचने वाले वास्तविक नुकसान का सीधा अनुभव होगा।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस क्षेत्र में कोयला खनन कार्यों से वन क्षेत्र का व्यापक विनाश हुआ है। इसके परिणामस्वरूप हजारों लोगों की आजीविका गंभीर संकट में आ गई है और पारंपरिक कृषि तथा वनोपज पर आश्रित समुदायों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गांववासियों का कहना है कि COP31 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शामिल नीति निर्माताओं को जलवायु परिवर्तन के वास्तविक परिणामों को समझने के लिए भूमि पर सीधे देखना आवश्यक है। वे मानते हैं कि इससे कोयला खनन जैसी विनाशकारी गतिविधियों के विरुद्ध अधिक सशक्त नीतियां बन सकती हैं।

यह पहल वैश्विक ऊर्जा नीति और पर्यावरण संरक्षण के बीच चल रहे विवाद को फिर से केंद्र में लाता है। तुर्की के इस क्षेत्र में प्रभावित समुदाय जलवायु सम्मेलनों में अपनी आवाज सुनाना चाहते हैं और यह दिखाना चाहते हैं कि कोयला उद्योग से स्थानीय पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को कितना नुकसान होता है।