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भारत के परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए नए द्वार खुलेंगे

शांति अधिनियम के तहत भारत की परमाणु ऊर्जा क्षेत्र निजी कंपनियों और संयुक्त उद्यमों के लिए खुल गया है। अमेरिकी परमाणु उद्योग भारतीय नियमों पर व्यापक प्रस्तुतियां देने की तैयारी कर रहा है।

LSN India · 21 August 2026

भारत के परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए नए द्वार खुलेंगे

भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठने जा रहा है। शांति अधिनियम के लागू होने से निजी कंपनियों को अब परमाणु संयंत्रों के निर्माण, स्वामित्व और संचालन का अधिकार मिल जाएगा। इसके साथ ही इन कंपनियों को परमाणु अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में भी काम करने की सुविधा प्राप्त होगी।

अमेरिकी परमाणु उद्योग इस नई संभावना का लाभ उठाने के लिए तैयारी कर रहा है। वह भारतीय परमाणु नियामक ढांचे और शांति अधिनियम की व्यावहारिक व्याख्या के संबंध में व्यापक प्रस्तुतियां करने की योजना बना रहा है। इससे अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में प्रवेश के लिए आवश्यक जानकारी और दिशानिर्देश मिल सकेंगे।

यह विकास भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु सहयोग को और मजबूत करेगा। परमाणु संयंत्रों के निर्माण से लेकर उनके संचालन और विघटन तक सभी चरणों में निजी क्षेत्र की भागीदारी अब संभव होगी। इससे भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

शांति अधिनियम का यह प्रावधान भारत के परमाणु क्षेत्र में एक नया युग की शुरुआत का संकेत देता है। निजी निवेश और तकनीकी दक्षता के साथ, भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना बढ़ गई है।