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उज्जैन: चार हजार वर्षों का इतिहास, सभ्यता और संस्कृति का साक्षी
उज्जैन का इतिहास प्राचीन अवंति साम्राज्य से लेकर मौर्य काल और कालिदास के समय तक फैला हुआ है। यह नगर भारतीय खगोल विज्ञान और धार्मिक महत्व के केंद्र के रूप में विकसित हुआ।
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भारत के मध्य प्रदेश में स्थित उज्जैन नगर लगभग चार हजार वर्षों के समृद्ध इतिहास का वाहक है। प्राचीन काल में यह नगर अवंति राज्य की राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित था और साहित्य, विज्ञान तथा संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है।
मौर्य साम्राज्य के दौरान उज्जैन की महत्ता और भी बढ़ गई। इसी काल में महान कवि कालिदास और सम्राट विक्रमादित्य जैसी दिग्गज प्रतिभाएं इसी नगर से संबंधित थीं। विक्रमादित्य के शासनकाल में उज्जैन कला, साहित्य और विज्ञान का एक प्रमुख केंद्र बना रहा।
धार्मिक दृष्टि से उज्जैन का महत्व भी अतुलनीय है। महाकालेश्वर मंदिर के रूप में यह भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। साथ ही, यह नगर प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
आज भी उज्जैन अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है, जो इसके गौरवशाली अतीत को जानने के लिए आते हैं।