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भारत के FTA कोटे में ब्रिटिश कार निर्माताओं की मंद दिलचस्पी
भारत ने 2026 के लिए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत 10,480 यूनिट के कोटे के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन सात ब्रिटिश कार निर्माताओं ने केवल 642 वाहनों के लिए आवेदन किया है।
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भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत आयात रियायती शुल्क प्राप्त करने की दौड़ में ब्रिटिश कार निर्माताओं की दिलचस्पी सीमित रही है। सरकार द्वारा 2026 के वर्ष के लिए 10,480 यूनिट के कोटे के लिए आमंत्रित आवेदनों में से सात कार निर्माता कंपनियों ने मात्र 642 वाहनों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं।
यह आंकड़ा आवंटित कोटे का महज छह प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है, जो व्यापार समझौते के लाभों के प्रति उद्योग की अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया को दर्शाता है। ब्रिटिश वाहन निर्माताओं की सीमित भागीदारी भारतीय बाजार में उनकी बहुसंख्यक उपस्थिति और वर्तमान बाजार गतिविधियों पर सवाल उठाती है।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत यह कोटा प्रणाली यूरोपीय निर्माताओं को भारतीय बाजार में प्रवेश के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई थी। हालांकि, आवेदनों की कम संख्या यह संकेत देती है कि ब्रिटिश कार क्षेत्र के लिए इस अवसर की आकर्षकता अपेक्षा से कम है।
भारतीय सरकार इस परिस्थिति का मूल्यांकन करेगी और आगामी व्यापार वार्ताओं में इसे संबोधित करने की संभावना है। व्यापार समझौते के तहत ऐसे कोटा प्रणाली का सफल कार्यान्वयन दोनों पक्षों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करता है।