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यूनाइटेड किंगडम में विभाजन की संभावना, स्कॉटलैंड-वेल्स-आयरलैंड अलग होना चाहते हैं
स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड में अब ऐसे राजनेता सत्ता में हैं जो ब्रिटेन से अपने देशों के संबंध बदलना चाहते हैं। यूनाइटेड किंगडम के इतिहास में शायद पहली बार इस तरह की स्थिति बनी है।
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यूनाइटेड किंगडम के तीन प्रमुख क्षेत्रों स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड में ऐसे दलों का नेतृत्व अब सत्ता में आ गया है जो अपने देशों की ब्रिटिश राज्य से आजादी या स्वायत्तता के लिए प्रयास कर रहे हैं। यह स्थिति यूनाइटेड किंगडम के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि पहले कभी इन तीनों क्षेत्रों के नेतृत्व में एक साथ ऐसी राजनीतिक शक्तियां नहीं रही हैं।
इस विकास को कुछ विश्लेषकों ने 'ब्रेक्सिट का उलटा संस्करण' कहा है। जहां ब्रेक्सिट में ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हुआ था, वहीं अब यूनाइटेड किंगडम के अंदर ही अलगतावादी भावनाएं मजबूत हो रही हैं। इन क्षेत्रों में पनपी राजनीतिक गतिविधियां ब्रिटिश संघ की भविष्य की संरचना को लेकर गंभीर सवाल उठा रही हैं।
स्कॉटलैंड, वेल्स और आयरलैंड लंबे समय से अपनी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक पहचान को लेकर संवेदनशील रहे हैं। इन क्षेत्रों में स्वतंत्रता के लिए जनमानस में व्याप्त भावना को स्थानीय नेतृत्व अब अधिक सक्रियता से आगे बढ़ा रहा है।
यूनाइटेड किंगडम की एकता पर मंडरा रहे इस संकट से ब्रिटेन की राजनीति में नया तनाव पैदा हो गया है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों की राजनीतिक मांगें और ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रिया यूरोप की भू-राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं।