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भारत-ब्रिटेन स्वास्थ्य नवाचार को तेजी से लागू करने की जरूरत: यूके मंत्री
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री जेम्स फर्थ ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन को चिकित्सा नवाचारों को जनसंख्या पैमाने पर लागू करने के लिए तेजी लानी चाहिए। उन्होंने इस कमी को दोनों देशों की स्वास्थ्य प्रणालियों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बताया।
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लंदन में भारत ग्लोबल फोरम द्वारा आयोजित वार्षिक 'वेस्टमिंस्टर दिवाली' समारोह को संबोधित करते हुए ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक खोज और वास्तविक जीवन में उसके अनुप्रयोग के बीच अंतराल स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए एक महत्वपूर्ण बाधा है।
फर्थ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवा में नवाचार केवल नई खोजें करना नहीं है, बल्कि उन खोजों को व्यावहारिक रूप से लागू करना है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल नवाचार और बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में असाधारण क्षमता रखता है, जबकि ब्रिटेन विश्व स्तरीय अनुसंधान और जीवन विज्ञान में अग्रणी है।
यह टिप्पणी जुलाई के मध्य में लागू किए गए भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के 100 दिनों के बाद आई है। मंत्री ने इस अवधि में दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया।
दोनों देशों के बीच इस सहयोग से स्वास्थ्य सेवा में नवाचारों को तेजी से लागू करने की संभावना बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पास इस क्षेत्र में विशाल जनसंख्या पर प्रभाव डालने की क्षमता है।