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यूक्रेन संकट से यूरोप में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ा पलायन
यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया भर में 59 लाख यूक्रेनी शरणार्थी विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, इनमें से 50 लाख से अधिक यूरोप में आश्रय लिए हुए हैं।
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यूक्रेन में सशस्त्र संघर्ष शुरू होने के बाद से यूरोप को द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद का सबसे बड़ा मानवीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक विश्व भर में कुल 59 लाख यूक्रेनी शरणार्थी दर्ज किए गए हैं।
यूरोपीय देशों ने इस संकट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 50 लाख से अधिक यूक्रेनी शरणार्थी वर्तमान में यूरोप के विभिन्न देशों में शरण लिए हुए हैं। पोलैंड, जर्मनी और अन्य पड़ोसी देश इन विस्थापित व्यक्तियों की मेजबानी में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
यह पलायन संकट मानवीय आवश्यकताओं, आवास, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के संदर्भ में यूरोपीय देशों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है। शरणार्थियों की इस बड़ी संख्या ने यूरोपीय समाज, अर्थव्यवस्था और सामाजिक नीतियों पर गहरा प्रभाव डाला है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लगातार यूक्रेन में शांति की बहाली के लिए प्रयासरत है। साथ ही, विभिन्न संगठन शरणार्थियों को सहायता प्रदान करने के लिए मानवीय कार्यों में संलग्न हैं ताकि उन्हें बेहतर जीवन परिस्थितियां मिल सकें।