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यूक्रेनी बालक ने काले सारस का ट्रैक कर जलवायु संकट को उजागर किया
दस साल के नोआह बेश्तो ने चेर्नोबिल से अफ्रीका तक दुर्लभ काले सारस के प्रवास को दस्तावेज़ित किया है। इस अभियान के माध्यम से वह इन प्रजातियों के सामने आने वाले खतरों को दुनिया के सामने ला रहे हैं।
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यूक्रेन के 10 वर्षीय प्रतिभा शाली बालक नोआह बेश्तो ने एक मोटरहोम में बैठकर काले सारस के प्रवास पथ का अनुसरण किया है। इस साहसिक यात्रा में उन्होंने पक्षीविज्ञानी निका पापोश्विली के साथ भागीदारी की और इन दुर्लभ पक्षियों के जीवन चक्र को कैमरे में कैद किया।
यात्रा के दौरान बेश्तो ने उन कई खतरों को दर्ज किया जिनका सामना काले सारस को करना पड़ता है। बिजली के तारों से करंट लगने से लेकर आवास स्थलों की बर्बादी तक, ये पक्षी अपनी यात्रा में कई प्राकृतिक और मानव-निर्मित बाधाओं का सामना करते हैं। चेर्नोबिल से लेकर अफ्रीकी महाद्वेश तक का यह प्रवास पथ हजारों किलोमीटर लंबा है।
नोआह की इस पहल का नाम 'नोआह की डायरी' रखा गया है, जो एक आकर्षक वृत्तचित्र श्रृंखला है। इसके माध्यम से वह युवा पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रेरित करने का लक्ष्य रख रहे हैं।
इस प्रकल्प से पर्यावरणविदों के बीच सहयोग और जागरूकता बढ़ने की संभावना है। काले सारस जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी पहलें महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।