World · India Bureau
बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई: सोशल मीडिया की भूमिका पर सवाल
संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को बाल विवाह उन्मूलन दिवस घोषित किया है। बाल अधिकार कार्यकर्ता इस समस्या से निपटने के लिए डिजिटल माध्यमों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान कर रहे हैं।
LSN India ·

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सितंबर 2026 में 27 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस के रूप में घोषित किया है। यह कदम बाल विवाह, बाल दुल्हन और जबरदस्ती विवाह जैसी प्रथाओं के विरुद्ध वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है।
बाल अधिकार कार्यकर्ता इस बुराई को खत्म करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की वकालत कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बाल विवाह को बढ़ावा देने का एक माध्यम बन सकते हैं। इसलिए ऑनलाइन स्पेस में इस समस्या का समाधान करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
कार्यकर्ताओं के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सख्त निगरानी और नियमन की आवश्यकता है ताकि बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, डिजिटल साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी इस प्रथा के खतरों को समझ सके।
विभिन्न बाल अधिकार संगठन मानते हैं कि इस मुद्दे का समाधान केवल कानूनी उपायों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और तकनीकी प्रतिबंधों का संयोजन ही बाल विवाह को खत्म करने में प्रभावी साबित हो सकता है।