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दिल्ली में हिरासत को लेकर संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार निकाय चिंतित
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है। संस्था का मानना है कि किसी भी प्रतिबंध को आवश्यकता और आनुपातिकता के मानदंड को पूरा करना चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने दिल्ली में पुलिस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ी हिरासतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करना चाहिए और नागरिकों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
ओएचसीएचआर के अनुसार, सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के नाम पर लगाए जाने वाले किसी भी प्रकार के प्रतिबंध को आवश्यकता और आनुपातिकता के सख्त मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। यह मानदंड सुनिश्चित करता है कि उठाई जाने वाली कार्रवाई उचित, न्यायसंगत और सीमित हो।
संयुक्त राष्ट्र की निकाय ने भारत सरकार से अपील की है कि वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के अनुरूप कार्य करे और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे। इसमें शांतिपूर्ण इकट्ठा होने का अधिकार भी शामिल है।
यह चिंता उस समय व्यक्त की गई है जब देश में विभिन्न मुद्दों पर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठन लंबे समय से सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को सुरक्षित रखे।