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दिल्ली की जहरीली हवा: AQI और GRAP को समझें
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के कड़े उपायों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है।
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राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। इस समस्या को समझने के लिए आवश्यक है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कैसे काम करता है और सरकार किन कदमों पर विचार करती है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स एक संख्यात्मक पैमाना है जो हवा में प्रदूषण की गंभीरता को मापता है। यह आठ प्रमुख प्रदूषकों- पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, ओजोन, कार्बन मोनोऑक्साइड और अमोनिया का विश्लेषण करके हवा की शुद्धता का आकलन करता है। AQI का स्कोर जितना अधिक होता है, प्रदूषण का स्तर उतना ही गंभीर माना जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू करती है। यह योजना AQI स्तर के आधार पर विभिन्न चरणों में सार्वजनिक यातायात, निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाती है। हालांकि, मौसमी कारकों और बहुस्रोत प्रदूषण के कारण इन उपायों का असर सीमित रह गया है।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालीन रणनीति और सभी हितधारकों का समन्वित प्रयास आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन क्षेत्र में सुधार, औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण और कृषि संबंधी प्रथाओं में बदलाव से ही वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार संभव है।