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कार्डिएक अरेस्ट: CPR प्रक्रिया और जीवन रक्षा के महत्वपूर्ण पहलू

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कार्डिएक अरेस्ट के मामलों में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की तत्काल प्रयोग से रोगी के जीवित रहने की संभावना में उल्लेखनीय सुधार आता है। यह आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया हृदय के अचानक रुकने पर रक्त प्रवाह को बनाए रखने का काम करती है।

LSN India · 8 October 2026

कार्डिएक अरेस्ट: CPR प्रक्रिया और जीवन रक्षा के महत्वपूर्ण पहलू

कार्डिएक अरेस्ट एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल है जिसमें हृदय की धड़कन अचानक बंद हो जाती है। इस स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है। CPR एक जीवन रक्षक तकनीक है जिसमें छाती पर दबाव डालकर और कृत्रिम श्वसन देकर शरीर में रक्त प्रवाह बनाए रखा जाता है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रखी जाती है जब तक चिकित्सा सहायता उपलब्ध न हो जाए या हृदय की सामान्य गति फिर से शुरू न हो जाए।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, कार्डिएक अरेस्ट के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए तुरंत CPR दिया जाना चाहिए। चिकित्सा संस्थानों में CPR को आमतौर पर तब तक जारी रखा जाता है जब तक रोगी की जीवन संकेत वापस न आ जाएं या चिकित्सा टीम द्वारा प्रयास बंद करने का निर्णय न लिया जाए।

अचानक किसी व्यक्ति के बेहोश होने की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए आपातकालीन सेवा को कॉल करना चाहिए। यदि व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है और नाड़ी नहीं चल रही है, तो आस-पास के प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा CPR दिया जा सकता है। सीने पर तेजी से दबाव डालना और कृत्रिम श्वसन देना इस प्रक्रिया के मुख्य घटक हैं।