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सुभाष चंद्रा की दिवालियापन योजना को चुनौती देंगे यूनियन बैंक
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत कई लेनदारों ने सुभाष चंद्रा की संकल्प योजना के खिलाफ मतदान किया है। बैंक अब इस योजना की मंजूरी को राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सुभाष चंद्रा की दिवालियापन संकल्प योजना के अनुमोदन को चुनौती देने की घोषणा की है। बैंक का यह कदम अन्य प्रमुख लेनदारों के साथ मतबद्धता दर्शाता है जिन्होंने इस योजना का विरोध किया है।
यूनियन बैंक के अलावा कनारा बैंक और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस भी योजना के विरुद्ध रहे हैं। ये सभी लेनदार राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष योजना को अमंजूरी के लिए अपना पक्ष रखेंगे।
दिवालियापन प्रक्रिया के तहत कई लेनदारों द्वारा दायर आपत्तियां इस मामले को जटिल बना रही हैं। एनसीएलटी में होने वाली सुनवाई में विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के हित सामने आएंगे।
यह विवाद बड़े कॉरपोरेट दिवालियापन मामलों में लेनदारों के बीच असहमति को दर्शाता है। आने वाले समय में अधिकरण की निर्णायक भूमिका इस विवाद के समाधान में महत्वपूर्ण साबित होगी।